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छठ पूजा

कार्तिक माह,कृतिका नक्षत्र
षष्टी तिथि महान,
सूर्य देव की अर्चना,
करते लोग सुजान
सूर्य पिता जीवन दाता
सकल चराचर जगत का
भोजन, उर्जा और उजाला
साक्षात प्रदाता जग का
चार दिवस चलता यह अर्चन
नहाय खाय,करना का पूजन
सांध्य अरग और प्रातः का वंदन
सूर्य पुत्र कर्ण करते थे
जल में खड़े होकर आराधन
द्रौपदी ने भी रखा था व्रत
जगमग करता
नदियों का तट
ईख और इस मौसम के फल
रोली,मौली,अक्षत,दीपक,जल
नये नये सुंदर परिधान
धोती,कुर्ता सिर साफा बांध
दौरा माथे पर रख के चले हैं
घौद केले का लेके चले हैं
वंदन,अर्चन,नमन,सूर्य का
छठ पूजा उपवास प्रधान।

पुतुल मिश्रा

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