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शिक्षा

क्या जेईई की तैयारी 12वीं कक्षा में उच्च अंक की गारंटी दे सकती है?

क्या जेईई की तैयारी 12वीं कक्षा में उच्च अंक की गारंटी दे सकती है?

 

विजय गर्ग

 

सीबीएसई/आईसीएसई/राज्य बोर्ड परीक्षा बनाम जेईई मेन: क्या जेईई की तैयारी 12वीं कक्षा में उच्च स्कोर की गारंटी दे सकती है?

 

 

संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अक्सर चुनौतीपूर्ण सवाल का सामना करना पड़ता है कि क्या जेईई मेन के लिए उनकी तैयारी के परिणामस्वरूप सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्ड कक्षा 12 बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन हो सकता है। आमतौर पर, जेईई मेन सत्र 1 सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू होने से 2-3 सप्ताह पहले होता है।

 

कई महत्वाकांक्षी इंजीनियर और आम जनता आमतौर पर मानते हैं कि जेईई मेन की तैयारी विज्ञान स्ट्रीम के लिए सीबीएसई/आईसीएसई/स्टेट 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हालाँकि, यह निर्धारित करना कि क्या जेईई की तैयारी कक्षा 12 सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में उच्च अंक सुनिश्चित कर सकती है, एक जटिल प्रश्न है जिसका कोई सरल उत्तर नहीं है। परिणाम विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है:

 

सिलेबस में समानता

जेईई मेन और सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई कक्षा 12 दोनों में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के विषय कई सामान्य विषयों को साझा करते हैं। इसका मतलब यह है कि यदि आप जेईई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आप स्वचालित रूप से सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई पाठ्यक्रम का एक अच्छा हिस्सा पढ़ लेंगे। हालाँकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि जेईई मेन विशिष्ट अवधारणाओं पर अधिक विस्तार से बताता है और इसमें अतिरिक्त विषय भी शामिल हैं जो सीबीएसई/राज्य पाठ्यक्रम में नहीं पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्ड अंग्रेजी, हिंदी और अन्य ऐच्छिक जैसे विषयों को कवर करते हैं, जो जेईई के लिए प्रासंगिक नहीं हैं।

 

सीबीएसई/आईसीएसई/राज्य बोर्ड स्कोर पर जेईई तैयारी का प्रभाव

सकारात्मक प्रभाव: जेईई के लिए अच्छी तैयारी करने से निश्चित रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित की आपकी समझ में वृद्धि हो सकती है, जिससे संभवतः आपके सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्ड के दौरान इन विषयों में बेहतर स्कोर प्राप्त होंगे। जेईई की तैयारी में नियोजित व्यावहारिक दृष्टिकोण आपके समस्या-समाधान कौशल को भी मजबूत कर सकता है, जो सीबीएसई/आईसीएसई/राज्य बोर्ड परीक्षाओं के लिए फायदेमंद है।

 

नकारात्मक प्रभाव: हालाँकि, केवल जेईई की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने से आपके सीबीएसई/आईसीएसई बोर्ड में अन्य विषयों की उपेक्षा हो सकती है, जिससे संभावित रूप से आपके समग्र स्कोर पर असर पड़ सकता है। साथ ही, जेईई की तैयारी की तेज़ गति और प्रतिस्पर्धी प्रकृति सीबीएसई/आईसीएसई/राज्य बोर्ड परीक्षाओं के व्यापक संदर्भ के अनुरूप नहीं हो सकती है।

 

 

विचार करने योग्य कारक

व्यक्तिगत सीखने की शैली: कुछ छात्र तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी स्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, जबकि अन्य अधिक संरचित और संतुलित दृष्टिकोण पसंद करते हैं। सीखने की शैलियों में विविधता इस बात पर प्रभाव डाल सकती है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्ड) के अंकों के साथ कितनी प्रभावी ढंग से संरेखित होती है।

 

परीक्षा रणनीति: जब संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की बात आती है, तो अपने ज्ञान को शीघ्रता से लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है। इसके विपरीत, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई) बोर्ड परीक्षाओं के लिए सभी विषयों पर गहरी पकड़ और अपने समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता की आवश्यकता होती है।

समय प्रबंधन: दोनों परीक्षाओं के लिए तैयारी करते समय अपने समय का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विषय के लिए अपना समय उचित रूप से आवंटित करना, उनके महत्व को ध्यान में रखना और अपनी व्यक्तिगत शक्तियों और कमजोरियों पर विचार करना महत्वपूर्ण है।

 

जेईई की तैयारी आपको अपने सीबीएसई/राज्य/आईसीएसई बोर्डों में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में अच्छा स्कोर करने के लिए एक मजबूत आधार बनाने में मदद कर सकती है। हालाँकि, यह सफलता का कोई गारंटीकृत मार्ग नहीं है। केवल जेईई पर ध्यान केंद्रित करने से आप अन्य विषयों की उपेक्षा कर सकते हैं और यह हर किसी के लिए सबसे अच्छी रणनीति नहीं हो सकती है।

गोल्ड मेडलिस्ट चर्चित फिजियोथेरेपिस्ट डॉ राजीव ने परिवार संग मनाया दीवाली

गोल्ड मेडलिस्ट चर्चित फिजियोथेरेपिस्ट डॉ राजीव ने परिवार संग मनाया दीवाली

 

देश भर में दिवाली की धूम है। बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। बिहार के जाने माने फिजियोथेरेपिस्ट डॉ राजीव कुमार सिंह ने भी इस वर्ष दीवाली का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाई है। डॉ राजीव ने अपने पूरे परिवार संग दीपावली के दिन पूरे प्रदेश के भाईचारे, खुशहाली, सद्भावना, शांति, विकास और एकजुटता के लिए मनोकामना करते हुए पाटलिपुत्रा स्थित आशा इंक्लेव में दीपोत्सव मनाया है।

 

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डॉ राजीव ने अपने चिर परिचित अंदाज में गाने बजाने की व्यवस्था के साथ अपनेपन का परिचय देते हुए न केवल प्रदेश भर से आए अपने चिर परिचित के साथ दीपावली की खुशियों को साझा किया, बल्कि अपने हाथों से उन्हें मिठाई खिलाकर उन्हें दीपावली की बधाई दी। डॉ राजीव ने राज्य के सुदूर व नजदीकी इलाकों से आए लोगों के सुख दुख में शामिल होते हुए उनके परिवार के बारे में जानकारी भी प्राप्त की।

 

 

सिवान जिले के मूल निवासी डॉ राजीव कुमार सिंह बिहार के जाने माने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में विख्यात हैं। डॉ राजीव बॉलीवुड के कई जाने माने अभिनेताओं व क्रिकेटर के फिजियोथेरेपिस्ट रह चुके हैं। सुपरस्टार गोविंदा,सोनू सूद,प्रेम चोपड़ा,अमन वर्मा,विराट कोहली इत्यादि सहित कई बड़े सख्सियतों का इलाज कर चुके हैं।

Education news : प्राथमिक विद्यालय अंबा को मिला विद्यालय विकास हेतु 1 लाख रुपए की सामग्री

Education news : प्राथमिक विद्यालय अंबा को मिला विद्यालय विकास हेतु 1 लाख रुपए की सामग्री

 

  • टीचर्स ऑफ बिहार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो का असर, भागलपुर के प्राथमिक विद्यालय अंबा को मिला विद्यालय विकास हेतु 1 लाख रुपए की सामग्री
  • बिहार के सरकारी विद्यालयों में आयोजित गतिवधि की सराहना अब देश ही नहीं, विदेशों में भी।

 

Bhagalpur News : हाल ही में बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी टीचर्स ऑफ बिहार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भागलपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय अंबा की शिक्षिका मीनाक्षी कुमारी का एक शैक्षिक वीडियो बहुत तेज़ी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में गतिविधि आधारित शिक्षण के अंतर्गत बच्चे सब्जी बेचने वाले एवं शिक्षिका ग्राहक की भूमिका का निर्वहन कर रही थी। इस वीडियो को देखकर भारतीय मूल निवासी आनंद तिवारी जो वर्तमान में ओमान देश में रहते हैं। उनके द्वारा विद्यालय परिवार को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से 1 लाख रुपए की सामग्री उपहार स्वरूप भेंट किया गया है।

 

यह सामग्री टीचर्स ऑफ़ बिहार की टीम लीडर सह डिस्ट्रिक्ट मेंटर भागलपुर खुशबू कुमारी एवं टीम के सदस्य ओम प्रकाश कुमार के माध्यम से मंगलवार को विद्यालय में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी कुमारी को हस्तगत कराया गया। हस्तगत कराए जाने वाले सामग्री की सूची में स्मार्ट टीवी, बैटरी, इनवर्टर, म्यूजिक सिस्टम, 6 कुर्सी, 6 दरी एवं 3 पंखा शामिल है। साथ ही इस विद्यालय के एक वर्ग को आनंददायी वर्ग कक्ष में परिवर्तित किया जाएगा।

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इस उपलब्धि को लेकर टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार ने सर्वप्रथम शिक्षिका मीनाक्षी कुमारी सहित पूरे विद्यालय परिवार को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि ढूंढने पर बिहार में कई ऐसे विद्यालय मिल जाएंगे जिसमें किसी न किसी कारणवश अभी भी आवश्यकतानुसार शैक्षिक सामग्रियों की कमी है। परंतु शिक्षक इन सीमित संसाधनों के बावजूद अपने नवाचारों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सफल हो रहे हैं।

 

जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण भागलपुर जिले की शिक्षिका मीनाक्षी कुमारी हैं। इनके विद्यालय में भी कुछेक विद्यालयों की भांति आधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं होने के बावजूद वे अपने उत्कृष्ट शिक्षण कौशल से बच्चों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान की समझ गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विकसित कर पा रही हैं। जिसकी चर्चा आज देश ही नहीं विदेशों में भी हो रही है। प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी कुमारी ने दानदाता श्री तिवारी को पूरे विद्यालय परिवार की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा अब हमारे विद्यालय में प्राथमिक कक्षाओं में भी बच्चे टेक्नोलॉजी के माध्यम से सीखेंगे और लाभान्वित होंगे।

उक्त जानकारी टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय ठाकुर ने संयुक्त रूप से दी है।

Patna Education News: तकनीकी शिक्षा में सुधार कहां से होगा मंत्री जी! जब कॉलेज में शिक्षक हीं नहीं है?

Patna Education News: तकनीकी शिक्षा में सुधार कहां से होगा मंत्री जी! जब कॉलेज में शिक्षक हीं नहीं है?

 

 

इंजीनियरिंग कॉलेजों में व्याप्त कुव्यवस्था पर सदन में बिफरे विधान पार्षद डा. दिलीप जायसवाल, घेरा सरकार को

 

Patna Education News: कुमार नागेंद्र जी संतुष्ट भी हो गए। लेकिन आप के माध्यम से मंत्री महोदय से मैं यह जानना चाहूंगा कि आपने तकनीकी शिक्षा सुधार (improvement in technical education) के बारे में इतना लंबा चौड़ा बता तो दिया सदन को लेकिन हुजूर! क्या आपके तकनीकी शिक्षा (Education) संस्थान में फैकल्टी है? आपने कहा कि 531 फैकल्टी को बहाल करने जा रहे हैं।

 

विधान परिषद में इंजीनियरिंग कॉलेजों में व्याप्त कुव्यवस्था पर सदन में बिफरे विधान पार्षद डा. दिलीप जायसवाल और  सरकार को घेरते हुए कहा कि यह जरूरी है तकनीकी शिक्षा में सुधार होना चाहिए । तकनीकी सेवा में सुधार कहां से होगा जब फैकल्टी हीं नहीं है। जब पढ़ाई ही नहीं होगा तब तकनीकी शिक्षा में सुधार कहां से मंत्री जी कर रहे हैं। यह तो सबसे बेसिक मुद्दा है, फैकल्टी का होना। गेस्ट फैकल्टी से कोई परमानेंट व्यवस्था नहीं बनता। तकनीकी शिक्षा है।

 

यह मैं पॉजिटिव तरीके से ऐसा नहीं है कि विपक्ष की ओर से मैं बोल रहा हूं। मेरा पॉजिटिव सुझाव आपसे है, आप तकनीकी शिक्षा में सुधार तभी कर सकते हैं, जब आपके इंजीनियरिंग कॉलेज में और टेक्निकल कॉलेज में फैकल्टी हो। फैकल्टी जब तक अच्छा नहीं होगा, दूसरा कि आपके इंजीनियरिंग कॉलेज से जो बच्चे पास करें, तो बड़ी-बड़ी कंपनियां या सरकार कैंपस इंटरव्यू करें। बच्चे को यह भी पता हो कि, टेक्निकल डिग्री (Technical Digri) लेने के बाद उसको नौकरी भी कई अच्छे तरीके से मिलेगा। खाली डिग्री बांटने से कोई फायदा है नहीं।

Deoghar Education News: हिंदी विद्यापीठ प्रबंध परिषद की बैठक सम्पन्न

Deoghar Education News: हिंदी विद्यापीठ प्रबंध परिषद की बैठक सम्पन्न

 

संस्था के बहुमुखी विकास हेतु लिए गए अनेक निर्णय

Deoghar News Today : साल में दो बार आयोजित की जाने वाली हिंदी विद्यापीठ के प्रबंध परिषद की प्रथम बैठक शनिवार को हुई। हिंदी विद्यापीठ (Hindi Vidyapith) के मुख्य भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संस्थान के व्यवस्थापक पूर्व मंत्री कृष्णानंद झा ने की। बैठक में देहरादून से डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, पटना से सेवानिवृत्त सीनियर आईएएस श्री रामउपदेश सिंह व सिवान से प्रो.शैलेन्द्र हारून आदि सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित हुए।

 

इससे पूर्व भवन निर्माण, न्यास मंडल समेत अन्य संभाग की भी बैठक हुई। बैठक में मदर संस्था हिंदी विद्यापीठ द्वारा संचालित तक्षशिला विद्यापीठ, (Takshila Vidyapith) बीएड कॉलेज, (B. Ed. Collage) पारामेडिकल इंस्टीच्यूट व सांध्यकालीन कॉलेज की प्रगति पर व्यापक चर्चा की गई। सदस्यों ने संस्थान की कार्य प्रणाली व वर्तमान प्रगति पर संतोष जाहिर करते हुए व्यवस्थापक श्री झा द्वारा लिए जा रहे निर्णय का समर्थन किया।

 

 

बैठक के दौरान अन्य सदस्यों में कुलपति डॉ. प्रमोदिनी हांसदा, कुलसचिव श्री के.के.ठाकुर, कोषाध्यक्ष श्री रमेश बाजला, सेवा निवृत्त अधिकारी  श्री योगेंद्र झा, शिक्षाविद श्री मोतीलाल द्वारी, गोवर्धन साहित्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार खवाड़े समेत प्रदीप बाजला, शंकर लाल सिंघानियां व अधिवक्ता गोपेश्वर प्रसाद झा आदि शामिल हुए।

संत फ्रांसिस स्कूल देवघऱ में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा द्वारा साइबर अपराध पुलिस थाना के सहयोग से एकदिवसीय साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम

संत फ्रांसिस स्कूल देवघऱ में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा द्वारा साइबर अपराध पुलिस थाना के सहयोग से एकदिवसीय साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम

देवघऱ: बढ़ते साइबर अपराध एवं साइबर फ्रॉड से आम लोगों को बचाने एवं जागरूक करने के उद्देश्य से संत फ्रांसिस स्कूल देवघऱ में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा द्वारा साइबर अपराध पुलिस थाना के सहयोग से एकदिवसीय साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम एवं कॉमिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम कक्षावार दो अलग अलग समूह और सत्र में सम्पन्न हुआ। जिसमे विद्यालय के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और साइबर अपराध के बारे में जानकारी प्राप्त किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवघऱ के साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी आगंतुकों का स्वागत विद्यालय के बारहवीं कक्षा की छात्रा श्रेयशी झा ने किया। सर्वप्रथाम कार्यक्रम की सुरुवात संत फ्रांसिस स्कूल के प्राचार्य फादर अब्राहम कोल द्वारा साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद , इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के चेयरमैन श्री जितेश राजपाल, वाईस चेयरमैन श्री पीयूष जायसवाल, सचिव श्री निरंजन कुमार सिंह का पुष्पगुच्छ देकर अभिवादन एवं स्वागत किया गया ! मौके पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संत फ्रांसिस स्कूल के प्राचार्य फादर अब्राहम कोल ने कहा कि जिस गति से तकनीक ने उन्नति की है। उसी गति से मनुष्य की इंटरनेट पर निर्भरता भी बढ़ी है। एक ही जगह पर बैठकर, इंटरनेट के जरिये मनुष्य की पहुँच, विश्व के हर कोने तक आसान हुई है। आज के समय में हर वो चीज़ जिसके विषय में इंसान सोच सकता है, उस तक उसकी पहुँच इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है, जैसे कि सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, डेटा स्टोर करना, गेमिंग, ऑनलाइन स्टडी, ऑनलाइन जॉब इत्यादि। आज के समय में इंटरनेट का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जाता है। इंटरनेट के विकास और इसके संबंधित लाभों के साथ साइबर अपराधों की अवधारणा भी विकसित हुई है और हमारे द्वारा किया गया एक छोटा सा भी गलती हमारे लिए घातक साबित हो रहा है, एक गलत क्लीक मात्र से आप साइबर अपराध के शिकार हो सकते हैं अतः इंटरनेट , सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करते वक्त सावधानी अवश्य बरतें।

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मौके पर देवघऱ के साइबर थाना के आरक्षी उपाधीक्षक श्री सुमित प्रसाद ने बताया कि जिस गति से तकनीक ने उन्नति की है, उसी गति से मनुष्य की इंटरनेट पर निर्भरता भी बढ़ी है। एक ही जगह पर बैठकर, इंटरनेट के जरिये मनुष्य की पहुँच, विश्व के हर कोने तक आसान हुई है। आज के समय में हर वो चीज़ जिसके विषय में इंसान सोच सकता है, उस तक उसकी पहुँच इंटरनेट के माध्यम से हो सकती है, जैसे कि सोशल नेटवर्किंग, ऑनलाइन शॉपिंग, डेटा स्टोर करना, गेमिंग, ऑनलाइन स्टडी, ऑनलाइन जॉब इत्यादि। आज के समय में इंटरनेट का उपयोग लगभग हर क्षेत्र में किया जाता है। इंटरनेट के विकास और इसके संबंधित लाभों के साथ साइबर अपराधों की अवधारणा भी विकसित हुई है। साइबर अपराध विभिन्न रूपों में किए जाते हैं। कुछ साल पहले, इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों के बारे में जागरूकता का अभाव था। साइबर अपराधों के मामलों में भारत भी उन देशों से पीछे नहीं है, जहां साइबर अपराधों की घटनाओं की दर भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। साइबर अपराध के मामलों में एक साइबर क्रिमिनल, किसी उपकरण का उपयोग, उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, सरकारी जानकारी या किसी डिवाइस को अक्षम करने के लिए कर सकता है। उपरोक्त सूचनाओं को ऑनलाइन बेचना या खरीदना भी एक साइबर अपराध है.,इसमें कोई संशय नहीं है कि साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है, जिसे कंप्यूटर और इंटरनेट के उपयोग द्वारा अंजाम दिया जाता है। साइबर अपराध, जिसे ‘इलेक्ट्रॉनिक अपराध’ के रूप में भी जाना जाता है, एक ऐसा अपराध है जिसमें किसी भी अपराध को करने के लिए, कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क का उपयोग, एक वस्तु या उपकरण के रूप में किया जाता है. जहाँ इनके (कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क) जरिये ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है वहीँ इन्हें लक्ष्य बनाते हुए इनके विरुद्ध अपराध भी किया जाता है।

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ऐसे अपराध में साइबर जबरन वसूली, पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, कंप्यूटर से व्यक्तिगत डेटा हैक करना, फ़िशिंग, अवैध डाउनलोडिंग, साइबर स्टॉकिंग, वायरस प्रसार, सहित कई प्रकार की गतिविधियाँ शामिल हैं। गौरतलब है कि सॉफ्टवेयर चोरी भी साइबर अपराध का ही एक रूप है, जिसमें यह जरूरी नहीं है कि साइबर अपराधी, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही अपराध करे। कॉमिक प्रतियोगिता में सभी विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक जागरूकता कॉमिक बनाए और कुल दो वर्गों में क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों के नाम हैं सीनियर वर्ग शाम्भवी कश्यप, श्रावणी झा, सलोनी शिपरा हैं एवं जूनियर वर्ग में शिवांश सिंह, सुकृति गोराई, वैष्णवी श्री हैं एवं दो विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया जिनके नाम क्रमशः प्रिज्योति सिंघल एवं यश अगग्रवाल हैं। मौके पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के चेयरमैन श्री जितेश राजपाल ने कहा कि यह सच है कि अधिकांश इंटरनेट उपयोगकर्ता इस तथ्य पर ध्यान नहीं देते हैं कि उनकी जानकारी को हैक किया जा सकता है और ऐसे लोग शायद ही कभी अपने पासवर्ड को बदलते/दस्तावेज की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। वे सतर्क होकर इन्टरनेट का उपयोग करने के विषय में जागरूकता नहीं रखते हैं और अपनी जानकारी पर साइबर हमले को लेकर सचेत नहीं रहते हैं और इसी के चलते तमाम लोग, अनजाने में साइबर अपराध की चपेट में आ जाते हैं। हमे अपने आप को और दूसरों को इसके निवारक उपायों को लेकर शिक्षित करना चाहिए, ताकि हम और आप एक व्यक्ति या व्यवसाय के रूप में खुद के बचाव के लिए सतर्कता बरत सकें। ज्ञात हो कार्यक्रम में मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन करते हुए इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के वाईस चेयरमैन श्री पीयूष जायसवाल ने कहा कि आये दिन इंटरनेट पर कई लोगो के निजी डेटा चोरी हो जाते है।

 

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कुछ लोगो के इंटरनेट के द्वारा बैंक संबंधित जानकारी चोरी हो जाती है, जिसकी वजह से लोगो को काफी नुकसान होता है ऐसे हालात से बचने हेतु हमेशा एक सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करें और ऑनलाइन पोर्टल पर क्लिक करने से पहले उसके पूरे विवरण इको पर हैं तभी आप साइबर अपराधियों के चंगुल से बच सकते हैं। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के सचिव श्री निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराध बेहद निंदनीय है। लोगो में जागरूकता फैलाना ज़रूरी है कि वह इंटरनेट का इस्तेमाल जानकारी प्राप्त करने और अच्छे कार्यो के लिए करे। उन्हें इंटरनेट का उपयोग किसी को भी नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं करना चाहिए। ऐसे कई तरीके है जिनका इस्तेमाल करके हम इंटरनेट पर गोपनीयता को बनाये रख सकते है। इंटरनेट का उपयोग सिर्फ ज्ञान विकसित करने के लिए करना चाहिए नाकि गलत चीज़ों के लिए। मौके पर मुख्य रूप से उपरोक्त के अलावे इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी देवघऱ शाखा के कोषाध्यक्ष श्री राजकुमार बर्णवाल, कार्यकारिणी सदस्य मयंक राय,देवनंदन झा, अभिषेक नेवर, अर्चना भगत,रीता चौरसिया की उपस्थिति रही ! आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में संत फ्रांसिस स्कूल के शिक्षक नंदलाल सर, श्याजु सर, जैकब सर, सुप्रतिम सर, तपन सर, चांदनी मैम, जॉर्ज सर, रंजीत सर, सुष्मिता मैम सहित अन्य की सक्रिय भूमिका रही।

समृद्धि की पाठशाला जहां बच्चे हो रहे समृद्ध

समृद्धि की पाठशाला जहां बच्चे हो रहे समृद्ध

पलामू। नि: शुल्क चल रहे समृद्धि की पाठशाला में बच्चों को नैतिकता के साथ-साथ कला और संस्कृति से भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि बच्चे बड़े होकर अपने हूनर से स्वावलंबी बन सके। सभी बच्चे पढ़ने में एक समान नहीं होते इसलिए जरूरी है कि पढ़ाई के साथ -साथ उन्हें ऐसी भी शिक्षा दी जाए।

जिसके बदौलत उन्हें भटकना न पड़े। समृद्धि की पाठशाला (पलामू झारखंड) अपने इस लक्ष्य के प्रति समर्पित है। पाठशाला के पास कोई संसाधन नहीं अगर है तो सिर्फ जज्बा जो समाज और देश को एक अच्छा नागरिक सभ्य और सुसंस्कृत बनाकर सौंपना चाहता है।

मिशन समृद्धि की टीम जिनकी जितनी भी तारीफ की जाऐ कम होगी। अहिल्या गिरी बैजन्ती गुप्ता प्रो वंदना श्रीवास्तव रंजीता देवी प्रो सरिता कुमारी की सराहनीय योगदान को सलाम है।

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