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सहरसा

विधवा महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर इंसाफ की मांग की

विधवा महिला ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर इंसाफ की मांग की

 

सहरसा। सौर बाजार थाना क्षेत्र के पतरघट थाना अंतर्गत धबौली गाँव वार्ड नम्बर-13 निवासी मसोमात रंजन देवी ने सहरसा पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के पास आवेदन देकर बताया कि मेरे भैसुर ज्योतिष कामत, ललिता देवी, बाबुल कामत, सनिया कुमार, रोशन कुमार, दीपो कामत, भारती देवी पति राजेश कामत, प्रमिला देवी पति बाबुल कामत, काजल कुमारी सभी धबौली पतरघट ओपी क्षेत्र का निवासी है। ये सभी मिलकर एकजुट होकर मेरे घर पर पिछले 6सिंतबर समय लगभग 10 बजे आए और बच्चों के छोटी लड़ाई के वजह से लाठी, लोहे का रड से बुरी तरह मारपीट करने लगा और हमको बेनग्न कर जख्मी कर दिया। वही मारपीट के दौरान सनिया कुमार और दीपो कुमार मेरे कान के दोनों बाली एवं नथिया नोंच लिया।जिसका कीमत 45 हज़ार रुपये है।

 

वही जब मेरे द्वारा काफी शोर शराबा करने के बाद गाँव के आस-पास के लोगों के द्वारा मुझे जख्मी अवस्था मे उठाकर इलाज़ करवाने के लिए प्रार्थमिकी केंद्र पतरघट में भर्ती कराया गया। वही पीड़ित विधवा महिला ने यह भी बताया कि मैं बहुत डरी सहमी ओर बेसहारा विधवा महिला हूँ। जिस वजह से बार-बार मेरे साथ सभी गलत व्यवहार कर हमेशा से मारपीट करता है।वही पीड़िता ने बताया कि इससे पूर्व भी आवेदन पतरघट ओपी अध्यक्ष को प्रार्थमिकी दर्ज करने के लिए दिया गया जो किसी भी तरह की कार्यवाही नही होने पर आज सहरसा पहुँच पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर उक्त लोगो पर कानूनी कार्यवाही को लेकर आवेदन दी।

16 दिवसीय पितृ पक्ष, 11 सितम्बर (रविवार )से 10 को होगा ऋषि तर्पण -ज्योतिषचार्य पंडित तरुण झा

16 दिवसीय पितृ पक्ष, 11 सितम्बर (रविवार )से 10 को होगा ऋषि तर्पण -ज्योतिषचार्य पंडित तरुण झा

 

सहरसा। भारत के प्रसिद्ध एवं पसंदीदा ज्योतिष संस्थानों मे एक ब्रज किशोर ज्योतिष केंद्र प्रताप चौक सहरसा के संस्थापक ज्योतिषचार्य पंडित तरुण झा ने बताया है, की भाद्रपद की पूर्णिमा और अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को पितृ पक्ष कहते हैं। वर्ष 2022 में पितृ पक्ष 10 सितंबर 2022 (शनिवार) से शुरू होकर 25 सितंबर 2022 (रविवार) तक रहेगा। ब्रह्म पुराण के श्राद्ध प्रकाश में श्राद्ध पक्ष के महत्व का वर्णन मिलता है जिसमें कहा गया है कि जो उचित काल,पात्र एवं स्थान के अनुसार, शास्त्रोचित विधि से पितरों को लक्ष्य करके श्रद्धापूर्वक ब्राह्मणों को दिया जाता है, वह श्राद्ध है। हिंदू ग्रंथ ऋग्वेद में पितृगण तीन श्रेणियों के बताए गए हैं निम्न, मध्यम और उच्च तो वहीं तीन तैतरीय ब्राह्मण में इस बात का उल्लेख है कि पितर लोग जिस लोक में निवास करते हैं, वह भू-लोक और अंतरिक्ष के बाद है।

पितरों के लिए हम जो कुछ भी श्रद्धापूर्वक अर्पण करते हैं, उसे अग्नि देवता उनके पास पहुंचा देते हैं, इसी कारण सूर्यास्त के बाद यह अनुष्ठान नहीं किया जाता। बौधायन धर्मसूत्र में के अनुसार जो व्यक्ति पितृ कर्म करता है, उसे लंबी आयु, स्वर्ग, यश और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भारत में कई तीर्थ ऐसे हैं जहां श्राद्ध, पिण्डदान करने का कार्य किया जाता है, लेकिन उनमें गया को सबसे उत्तम माना गया है। वशिष्ठ धर्मसूत्र में इस बात को स्पष्टता के साथ कहा गया है कि जैसे एक किसान अच्छी बारिश से प्रसन्न होता है, वैसे ही गया में पिण्डदान से पितर प्रसन्न होते हैं। नारद पुराण के उत्तर भाग में वर्णन है कि जो पितृ कर्म का अधिकार रखता हो, गया के दर्शन व वहां श्राद्ध करने से ब्रह्मलोक पा जाता है।’

श्राद्ध के दिन हम तर्पण करके अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं और ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को भोजन और दक्षिणा अर्पित करते है।

श्राद्ध से जुड़ी पौराणिक कथा

जब महाभारत युद्ध में महान दाता कर्ण की मृत्यु हुई, तो उसकी आत्मा स्वर्ग चली गई, जहां उसे भोजन के रूप में सोना और रत्न चढ़ाए गए। हालांकि, कर्ण को खाने के लिए वास्तविक भोजन की आवश्यकता थी और स्वर्ग के स्वामी इंद्र से भोजन के रूप में सोने परोसने का कारण पूछा। इंद्र ने कर्ण से कहा कि उसने जीवन भर सोना दान किया था, लेकिन श्राद्ध में अपने पूर्वजों को कभी भोजन नहीं दिया था। कर्ण ने कहा कि चूंकि वह अपने पूर्वजों से अनभिज्ञ था, इसलिए उसने कभी भी उसकी याद में कुछ भी दान नहीं किया। संशोधन करने के लिए, कर्ण को 15 दिनों की अवधि के लिए पृथ्वी पर लौटने की अनुमति दी गई, ताकि वह श्राद्ध कर सके और उनकी स्मृति में भोजन और पानी का दान कर सके। इस काल को अब पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है।

इन 05 मंत्रो को पितृ पक्ष मे जपने से पितरो की असीम कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त होती है

1. ॐ कुलदेवतायै नम: (21 बार)

2. ॐ कुलदैव्यै नम: (21 बार)

3. ॐ नागदेवतायै नम: (21 बार)

4. ॐ पितृ दैवतायै नम: (51/108 बार)

5. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।-(108 बार )

अवश्य करना चाहिए, पितरो की सदैव कृपा बनी रहती है!

तर्पण पितामह को जल देने का मंत्र

अपने गोत्र का नाम लेकर बोलें, गोत्रे अस्मत्पितामह (पितामह का नाम) शर्मा वसुरूपत् तृप्यतमिदं तिलोदकम गंगा जलं वा तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः। इस मंत्र से पितामह को भी 3 बार जल दें।

बैजनाथपुर एसबीआई से चोरी गए 2 किलो 700 ग्राम सोना में से 1 किलो 128.640 ग्राम सोना,नेपाली करेसी सहित चार चोर गिरफ्तार

बैजनाथपुर एसबीआई से चोरी गए 2 किलो 700 ग्राम सोना में से 1 किलो 128.640 ग्राम सोना,नेपाली करेसी सहित चार चोर गिरफ्तार

 

सहरसा : जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजनाथपुर ओपी क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से बीते 23 अप्रैल को चोरी गए 2 किलो 700 ग्राम सोने के जेवरात मामले का उद्भेदन कर लिया गया है। एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी टीम ने सफलता हासिल कर लिया है। जिसमें जहां चोरी की घटना में संलिप्त 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं चोरों के पास से 1 किलो 128.640 ग्राम सोने के जेवरात और 4 लाख 39 हजार 500 रुपए की नेपाली करेंसी भी बरामद की गई है।
एसपी लिपि सिंह ने बताया कि एसबीआई बैजनाथपुर शाखा से 2 किलो 700 ग्राम सोने के जेवरात की चोरी मामले का सीसीटीवी फुटेज को देखा गया। जिसमें घटना 23 अप्रैल की दिखी। उस दिन बैंक बंदी था। उन्होंने बताया कि चूंकि मामला संवेदनशील था। भारी मात्रा में बैंक से सोने की चोरी हुई थी। इसलिए प्रशिक्षु डीएसपी निशिकांत भारती के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया। जिसमें आईटी सेल के अमर कुमार , सदर थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार , बैजनाथपुर ओपी अध्यक्ष संजय दास सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी सम्मलित थे।

 

पूरी टीम ने बैंक की गहनतापूर्वक निरीक्षण किया। उन्हें पता चला कि बैजनाथपुर ओपी क्षेत्र के गम्हरिया निवासी स्व रघुनी मल्लिक का पुत्र एवं सफाई कर्मी उमेश मल्लिक ने सफाई के क्रम में बैंक के ट्रेजरी लॉकर से गहने की चोरी की है। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। उनके घर से 321.730 ग्राम सोने के जेवरात की बरामदगी हुई।वे चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद अपने रिश्तेदार और बैजनाथपुर ओपी क्षेत्र के इटहरा गांव निवासी जनक शाह के पुत्र संजय शाह जो वर्तमान में सदर थाना क्षेत्र के पूरब बाजार , मिशन कम्पाउंड में रह रहे थे। बुधवार की देर रात उनके घर पर छापामारी की गई। जिसमें उनके घर से जहां 561.750 ग्राम सोने के जेवरात की बरामदगी हुई। वहीं उनके घर से कुल 4 लाख 39 हजार 500 रुपए के नेपाली करेंसी की भी बरामद की गई। मौके से उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।फिर पकड़ में आए दोनों अपराधी की निशानदेही पर मोतिहारी जिले के घोड़ासहन गांव निवासी विजय प्रसाद स्वर्णकार के पुत्र सुनील कुमार के घर पर छापामारी की गई। जहां उनकी गिरफ्तारी हुई। उनके घर से कुल 245.160 ग्राम सोने के जेवरात बरामद हुआ। साथ में उनके ही निशानदेही पर मोतिहारी जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के पूर्णिया कोठी गांव निवासी स्व दीनानाथ साह के पुत्र मुन्ना शाह के घर पर भी छापामारी की गई।

 

उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। वह भी इस चोरी की घटना में संलिप्त थे।उन्होंने बताया कि अभी तक पुलिस द्वारा कुल 1 किलो 128.640 ग्राम सोने के जेवरात बरामद हुए हैं। साथ ही साथ में 4 लाख 39 हजार 500 रुपए के नेपाली करेंसी भी बरामद हुआ है।उन्होंने बताया कि इसमें बैंक के द्वारा काफी दिन बीतने के बाद सूचना दी गई। जिसमें लापरवाही बैंक के द्वारा की गई है। झाड़ू-पोछा करने वाला व्यक्ति ही कैश को लाने व ले जाने का काम करता था। वह कैश काउंटर का अन्य कार्य भी करता था। इसमें बैंक कर्मी की बड़ी लापरवाही हुई है। हालांकि जानकारी मिल रही है कि उन्होंने अपने दो कर्मी को निलंबित कर दिया है। लेकिन पुलिस की जांच जारी रहेगी। पुलिस और बैंक मिलकर चोरी की घटना की निष्पक्षता पूर्वक जांच करेगी।उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि काफी सोना नेपाल में बेचा गया है। नेपाल में जो सोना बेचा गया है। वहां से नेपाली करेंसी दी गई थी। जो नेपाली करेंसी बरामद हुई है।
एसपी ने बताया कि सहरसा में भी सोने को बेची गई है। जिसकी जांच चल रही है। जल्द ही सोने के जेवरात को खरीदने वाले की गिरफ्तारी होगी।

समर कैंप में बच्चे सीख रहे हैं गुड टच और बैड टच में अंतर, बच्चों के साथ यौन अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें गुड टच और बैड टच में अंतर बताना जरुरी :सरिता

समर कैंप में बच्चे सीख रहे हैं गुड टच और बैड टच में अंतर, बच्चों के साथ यौन अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें गुड टच और बैड टच में अंतर बताना जरुरी :सरिता

 

सहरसा : साल भर स्कूल में व्यस्त रहने वाले बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में व्यस्त रखना हर अभिभावक के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। खासकर न्यूक्लियर फैमिली में जहां माता-पिता दोनों काम में व्यस्त होते हैं बच्चे अक्सर अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताने लगते हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में समर कैंप एक बेहतरीन विकल्प है जहां बच्चे ना सिर्फ मोबाइल से दूर अपना ज्यादातर समय खेल, योग और अन्य शारीरिक गतिविधियां करते हुए बिताते हैं बल्कि अब समर कैंप में बच्चों को अच्छा व्यवहार करने से लेकर गुड टच और बैड टच में अंतर करना भी सीख रहे हैं। टॉपर स्टडी पॉइंट उड़ान की संस्थापिका व समाजसेवी सरिता राय बताती है कि इन दिनों ज्यादातर अभिभावक बच्चों के लम्बे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत से परेशान है इसलिए हमने समर कैंप में इस तरह की एक्टिविटीज प्लान की है जो ना सिर्फ गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को व्यस्त रखेगी बल्कि उनमें जीवन भर काम आने वाली अच्छी आदतें भी विकसित करेगी।

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यहां उन्हें अलग-अलग खेलों के साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट, योग और ध्यान भी करवाया जाता है। न्यूक्लियर फैमिली में रहने वाले बच्चों को कुकिंग जैसे बेसिक लाइफ स्किल सिखाने के लिए फायर लेस कुकिंग की स्पेशल क्लास होती है। इतना ही नहीं हम उन्हें नैतिक मूल्य, अच्छा व्यवहार करना और बड़ों की इज्जत करना भी सिखाते हैं। बच्चों को जीव-जंतुओं और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के लिए हम उन्हें प्रकृति से जोड़ते हैं और पुराने सामान को रीसायकल कर कुछ नई उपयोगी वस्तुएं बनाना भी सीखा रहे हैं। सभी एक्टिविटीज को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बच्चे गर्मी की छुट्टियां खत्म होने से पहले यह सभी लाइफ स्किल सीख जाएं। गुड टच और बैड टच में अंतर जानना है जरुरी:- बच्चों के साथ यौन अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें गुड टच और बैड टच में अंतर बताना भी बहुत जरुरी हो गया है पर अक्सर अभिभावकों को समझ नहीं आता है कि छोटे बच्चों को यह कैसे समझाया जाए। एक बड़े सर्वे के मुताबिक कई बार नजदीकी रिश्तेदार या फैमिली फ्रेंड ही बच्चों के साथ गलत व्यवहार कर रहे होते हैं जिसे बच्चे समझ नहीं पाते हैं। टॉपर स्टडी पॉइंट उड़ान की संस्थापिका व समाजसेवी सरिता राय कहती है कि हम उन्हें समर कैंप में ही गुड टच और बैड टच में अंतर समझाते हैं। बेसिक सेल्फ डिफेंस भी सिखाते हैं ताकि वक्त आने पर बच्चे मदद मिलने तक अपनी देखभाल खुद कर पाएं।

गोली लगा और मुंह से झाग निकलता निजी स्कूल संचालक का शव हुआ बरामद

गोली लगा और मुंह से झाग निकलता निजी स्कूल संचालक का शव हुआ बरामद

 

सहरसा : सदर थाना क्षेत्र और बैजनाथपुर ओपी क्षेत्र के बीच रामपुर पुल के निकट बुधवार की देर रात गोली लगा हुआ निजी स्कूल संचालक 35 वर्षीय दिनेश यादव का शव बरामद हुआ। फिर देर रात ही पुलिस द्वारा बरामद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद उनके परिजन को सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के शव पर एक गोली लगने के निशान दिखाई पड़ रहे थे। वही उनके मुंह से झाग भी निकल रहा था। ऐसे में उनकी हत्या को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
कहां का था स्कूल संचालक –
स्थानीय मत्स्यगंधा स्थित डेवलपमेंट पब्लिक स्कूल के संचालक दिनेश यादव मूलतः सुपौल जिला के छातापुर थाना क्षेत्र के छातापुर गांव का रहने वाला था। लेकिन वे बीते कई सालों से सहरसा में रहकर निजी पब्लिक स्कूल चलाते थे। उनकी शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत पथराहा गांव में हुई थी।

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कैसे हुई घटना –
वे बुधवार की दोपहर पत्नी और दोनों बेटे को लेकर ससुराल पहुंचे थे। जहां से देर शाम 7 बजे पत्नी और बच्चों को छोड़कर अकेले वापस बाइक से सहरसा वापस लौट रहे थे। जिसके बाद देर रात उनका शव बरामद हुआ।
क्या कहते हैं पीड़ित के परिजन –
मृतक के साला आनंद कुमार ने बताया कि थाना से कॉल किया गया कि उनके बहनोई के साथ घटना हुई है। मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनके शरीर पर गोली लगी हुई है। वे पथराहा से सहरसा के लिए निकले थे। अकेले घर से निकले थे। किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। वे पहले बटराहा मोहल्ले में स्कूल चलाते थे। कुछ दिन पूर्व उन्होंने मत्स्यगंधा इलाके में स्कूल चलाना प्रारंभ किया था। घटना के किसी भी कारण के बारे में वे कुछ भी बताने इंकार कर रहे थे।
क्या कहा सदर थाना अध्यक्ष –
सदर थाना अध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि स्कूल संचालक का शव बरामद होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया गया। मृतक के मुंह से झाग निकल रहा था। साथ ही जहां उनकी शव बरामद हुई है। वहां उनकी हत्या नहीं की गई थी। कहीं और उनकी हत्या हुई है। उसके बाद शव को वहां तक लाया गया था। गोली के भी निशान दिख रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच की जा रही है।

दो पिस्टल , दो देसी कट्टा , पांच जिंदा कारतूस के साथ 9 शातिर अपराधी पुलिस गिरफ्त में

दो पिस्टल , दो देसी कट्टा , पांच जिंदा कारतूस के साथ 9 शातिर अपराधी पुलिस गिरफ्त में

 

सहरसा : जिले के एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को गठित एसआईटी टीम द्वारा की गई छापामारी में 9 शातिर अपराधी पुलिस गिरफ्त में आए। जिनसे जहां 4 अवैध हथियार बरामद हुए। वही उनके 5 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। मौके से तलवार , फरसा , खुखरी और दो बाइक भी जब्त किए गए हैं।
एसपी लिपि सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि बुधवार को सूचना मिली थी कि सहरसा बस्ती में कुछ अपराधी इकट्ठे हुए है। मिली सूचना के आधार पर एसआईटी टीम का गठन किया गया। जिसमें सदर थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर सुधाकर कुमार , पुलिस अवर निरीक्षक ब्रजेश कुमार चौहान , धन बिहारी मिश्रा , मालेश्वर यादव , विनोद मणि दिवाकर के अलावे पुलिस जवान को शामिल किया गया। जिसके बाद छापामारी किया गया। छापामारी के क्रम में अपराधी भागने लगे। जिन्हें खदेड़ कर गिरफ्तार किया गया। कुल 9 अपराधी की गिरफ्तारी हुई है। जिनमें से कुछ अपराधी का अपराधिक इतिहास भी है।
किन-किन अपराधियों की हुई गिरफ्तारी –
उन्होंने बताया कि छापामारी में सदर थाना क्षेत्र के सहरसा बस्ती निवासी मो कासिम के पुत्र मो नसीम , मो आजाद के पुत्र मो जैद , मो शमीम आलम के पुत्र मो अकबर , मो मोईउद्दीन के पुत्र मो सफ़क़त अली , मो जफर के पुत्र मो सैफ अली , मो अजीम के पुत्र मो समीम , मो उस्मान के पुत्र मो हकीम , मो नसीर के पुत्र मो जफर और डुमरैल निवासी मो जीवन के पुत्र मो अवरार की गिरफ्तारी हुई है।
क्या क्या हुआ बरामद –
उन्होंने बताया कि छापामारी के दौरान अपराधियों के पास से दो देशी पिस्टल , उनके तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं दो देसी कट्टा और उनके दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। साथ ही मौके से अपराधियों के पास से 5 मोबाइल , 3 फरसा , 4 तलवार , 1 खुखरी को भी बरामद किया गया है। जबकि मौके से अपराधियों द्वारा लूटपाट में इस्तेमाल किए जा रहे हैं दो बाइक भी जब्त किए गए हैं।
लूटपाट की घटना में आएगी कमी –
एसपी ने बताया कि सभी अपराधी एक ही इलाके के हैं। वे सभी शहरी क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में हथियार दिखाकर लगातार लूटपाट की घटना को अंजाम दे रहे थे। ऐसे में इन अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद लूटपाट की घटना में कमी दर्ज की जा सकती है।
कौन-कौन थे मौजूद –
मौके पर एसपी के अलावे सदर डीएसपी संतोष कुमार , प्रशिक्षु डीएसपी निशिकांत भारती , एसपी रीडर माधव सिंह सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।

छापामारी कर अवैध हथियार कारतूस मोटरसाइकिल के साथ आठ लूटेरा हुए गिरफ्तार

छापामारी कर अवैध हथियार कारतूस मोटरसाइकिल के साथ आठ लूटेरा हुए गिरफ्तार

सहरसा : गुप्त सूचना के आधार पर सहरसा सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत संत नगर स्थित रंजीत सिंह के लाॅज के पश्चिम बसबिट्टी से 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। जिसके पास से 8 अप्रैल को तिरंगा चौक पर गोली मारकर लूटी गई अपाचे मोटरसाइकिल, एक पिस्टल, दो कारतूस एक देशी कट्टा दो कारतूस एवं एक लूटी गई मोबाइल बरामद किया गया। मंगलवार को आरक्षी अधीक्षक लिपी सिंह ने अपने कार्यालय वेश्म में प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए कहा कि थाना क्षेत्र अंतर्गत रंजीत सिंह के समीप बबबिट्टी में कुछ अपराध कर्मी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने को एकत्र हुए हैं। सूचना के आधार पर सत्यापन कर कार्रवाई करते हुए सदर थाना अध्यक्ष सुधाकर कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक संजीव कुमार, अविनाश कुमार चंद्र, चंद्रजीत प्रभाकर, गुंडाराम सोए,सदर थाना गार्ड तथा पुलिस कर्मी द्वारा संयुक्त रूप से छापामारी किया। छापामारी के क्रम में अपराधी इधर-उधर भागने लगे पुलिस पदाधिकारियों ने सभी अपराधी को खदेड़ कर गिरफ्तार किया।जिसमें गंगजला निवासी मोहम्मद हैदर,टीपू सुल्तान, सुपौल निवासी ज्योति कुमार,राजकिशोर साह, अजय कुमार, भावेश कुमार, सहरसा के अभिषेक कुमार एवं इस्लामिया चौक निवासी मोहम्मद मासूम को गिरफ्तार किया गया। जिसके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल सहित एवं मोबाइल सहित अवैध हथियार एवं कारतूस बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि पकड़े गए सभी अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। जिसकी तलाश बहुत दिनों से पुलिस द्वारा किया जा रहा था। सभी अपराधियों की पकड़ से पुलिस को बहुत राहत मिली है।

सहरसा में अज्ञात अपराधियों ने मुखिया संघ के सचिव को मारी गोली,घटनास्थल पर ही हुई मौत

सहरसा में अज्ञात अपराधियों ने मुखिया संघ के सचिव को मारी गोली,घटनास्थल पर ही हुई मौत

 

सहरसा :  इन दिनों सहरसा ज़िले में हथियार बन्द अपराधियों का मनोबल सातवे आसमान पर है। ताजा मामला सौर बाजार थाना क्षेत्र के खजूरी पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार साह को देर शाम अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई,वही बैजनाथपुर ओपी पुलिस को हत्या की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पंहुचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। वही खजूरी पंचायत के पंचायत वासियों के द्वारा बैजनाथपुर चौक को डेढ़ घण्टे जाम कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे। वही स्थानीय सहित पंचायत वासियों ने विरोध में टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन भी किया गया। वही बताया जाता है, की मृतक मुखिया रंजीत कुमार साह किसी आम सभा को सम्बोधित कर अपने घर वापस लौट रहे थे।

उसी दौरान पूर्व से घात लगाए अज्ञात आपराधियो ने मुखिया रंजीत कुमार साह के छाती में गोली मारकर हत्या कर दिया। वही पंचायत वासियों में मुखिया के हत्या को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है, हलांकि हत्या के कारणों का अब तक पता नही चल पाया। वही बैजनाथपुर ओपी अध्यक्ष मोo मजमुद्दीन ने बताया कि हत्या हुई है,शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।जल्द ही बदमाशों की गिरफ्तारी भी हो जाएगी।

मुखिया वीरेंद्र कुमार शर्मा की गंदी कारनामों से परेशान स्थानीय लोग, डर के साये में जीने को मजबूर

मुखिया वीरेंद्र कुमार शर्मा की गंदी कारनामों से परेशान स्थानीय लोग, डर के साये में जीने को मजबूर

खबरों की तह तक
सहरसा। मधेपुरा जिला में एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, बताया जा रहा है कि शंकरपुर प्रखंड अंतर्गत गिद्दा पंचायत के मुखिया वीरेंद्र कुमार शर्मा द्वारा किसी अन्य लड़की के मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग के माध्यम खुलेआम नग्न अंग एक-दूसरे को प्रदर्शित कर रहे है। वही स्थानीय पंचायत के समाज को गंदे राह में चलने का निर्देश दे रहे है, इस तरह की वीडियो वायरल। हालांकि स्थानीय लोगो का कहना है, यह मुखिया पूर्व में कई महिलाओ को रुपया के बल पर अपने इशारों में लेकर अपने जिस्म की आग बुझाने में लगे रहते है,इसकी सूचना जानकर स्थानीय लोगो ने एक दूसरे के पूरक बने रहे, कोई कुछ बोलने से इनकार भी कर रहे है, चूँकि इस मुखिया की दबंगई उस पंचायत में खुलेआम धाक के तौर पर बोली जाती है।वही स्थानीय लोगो का कहना है, की वर्तमान मुखिया वीरेंद्र कुमार शर्मा ने इससे पूर्व भी इसी तरह की गंदी हरकत कर रहे थे तो विपक्ष के लोगो ने विरोध किया तो उसको मरवा भी डाला, ओर उसके परिवार के अन्य सदस्य को किसी भी पारिवारिक लाभ की सूची से अब तक नही जोड़ा गया। वही स्थानीय लोगो को सदमा इस बात का लगा हुआ है, की अगर मुखिया के खिलाफ जाते है, तो वही हाल हमारा होगा जो हाल पूर्व में अन्य परिवार के सदस्य के साथ कर चुके है, जिस कारण किसी की बोली नही निकलती। हालांकि डर का भय यह भी बना हुआ है, की किसी भी स्थानीय लोग का परिवार अगर इस मुखिया के जिस्म के भूख के चपेट में आ जाएंगे। तो वह उसकी भूख मिटाकर ही छोड़ेंगे। लोग डर के साये में जी रहे है। वही इस तरह की वायरल हुई वीडियो की पुष्टि दैनिक अखबार नही करता।

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