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लोकसभा चुनाव 2019

प्रियंका ने जिन सीटों पर किया प्रचार उनमें कांग्रेस का हुआ ये हाल

प्रियंका ने जिन सीटों पर किया प्रचार उनमें कांग्रेस का हुआ ये हाल

कांग्रेस का पलड़ा कमजोर होता देख प्रियंका गांधी ने भी राजनीति में अपनी कदम रख दी. चुनाव शुरू होने के ठीक तीन पहले ही मोर्चा संभाली थी और काफी कम समय में ही मशहूर हो गयी लेकिन उनके मोर्चा संभालने से भी कोई लाभ कांग्रेस को नहीं मिला.

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प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की. दोनों को ही पार्टी में महासचिव का पद दिया गया. उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी को उतारने को लेकर लोगों ने इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ भी बताया था तो कुछ लोग ये कहे कि कांग्रेस का ये फैसला जल्दीबाजी में लिया गया है.

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उत्तर प्रदेश में त्रिकोणीय मुकाबला होना था, एकतरफ मजबूत भाजपा गठबंधन और दूसरी तरफ सपा-बसपा का महागठबंधन थी. इन दोनों गठबंधन के सामने कड़ी टक्कर देकर प्रियंका गांधी को कांग्रेस का खोया जनाधार वापस लाने की एक बड़ी चुनौती थी.

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प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार के लिए कुल 38 रैलियां की, जिनमें 26 रैलियां उन्होंने सिर्फ यूपी में ही कर डाली थी. जितनी सीटों पर प्रियंका ने प्रचार किया उनमें से लगभग 97 फीसदी सीटों पर कांग्रेस को हार अपमान सहना पड़ा.

अमेठी सीट को कांग्रेस का पारंपरिक सीट और सबसे मजबूत किला कहा जाता था लेकिन जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सामना यहां भाजपा की स्मृति ईरानी से हुई तो यहाँ उन्हें अपना पारंपरिक सीट भाजपा के हाथों गंवानी पड़ी. जबकि सोनिया गांधी अपने रायबरेली सीट को बचाने में कामयाब रही.

सातवें व अंतीम चरण का मतदान छिट-पुट घटनाओं को छोड़ शांतीपूर्ण संपन्न।

सातवें व अंतीम चरण का मतदान छिट-पुट घटनाओं को छोड़ शांतीपूर्ण संपन्न।

रांची/ब्यूरो रिपोर्ट : 17वीं लोक सभा 2019 के सातवें चरण का मतदान समाप्ति के बाद झारखड के तीनो लोक सभा सीटो पर हुए मतदान में छिटपुट घटनाओं को छोड़ मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया. इस दौरान बूथों पर मतदाओं के सुबह से ही लम्बी -लम्बी कतारें देखी गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार दुमका लोकसभा क्षेत्र के शिकारी पड़ा में 67.23 % , नाला 67.43 %, जामताड़ा 63.21% , दुमका 64.50% , जामा 64.70% और 70.25% सारठ में कुल मिलाकर 66.79 प्रतिशत रहा.

वहीं राजमहाल लोक सभा क्षेत्र में 63.09% , बोरियों 64.12%, बरहेट 67.14%, शिकारीपड़ा 65.85%, पाकुड़ 63.50%, महेशपुर 66.00% कुल मिलाकर 64.68 प्रतिशत रहा.

वहीं गोड्डा लोक सभा को देखें तो जरमुंडी 64.02%, मधुपुर 73.72%, पोड़ैयाहाट 56.51%, गोड्डा 50.60 %, देवघर 70.55 %, महागामा 61.89% रहा. कुल मिलाकर 63.30% मतदान हुआ.

वहीं अंतिम चरण में आठ राज्यो के 59 सीटो पर शाम छह बजे तक कुल 60.21 प्रतिशत मतदान हुआ. बिहार में 49.62 फीसद, हिमाचल में 66.18 फीसद, मध्य प्रदेश में 69.38 फीसद, पंजाब में 58.81 फीसद, उत्तर प्रदेश में 54.37 फीसद, पश्चिम बंगाल में 73.05 फीसद, झारखंड में 70.5 फीसद और चंडीगढ़ में 63.57 फीसदी मतदान हुआ.
चुनाव आयोग के अनुसार सातवें व अंतिम चरण के मतदान में झारखंड के तीन लोकसभा सिटों में कुल 45,64,681 मतदाता ,42 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 23 मई को सुनाएंगे.

वोटर कार्ड न हो तो इन 11 आइडी से भी डाल सकेंगे वोट….

वोटर कार्ड न हो तो इन 11 आइडी से भी डाल सकेंगे वोट….

देवघर/संवाददाता : निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए मतदाता पहचान पत्र आपको एक मतदाता के तौर पर पहचान प्रदान करता है. ऐसे में आसन्न लोकसभा निर्वाचन 2019 तथा लोकसभा निर्वाचन के साथ होने वाली राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन एवं उप निर्वाचनों के लिए सभी निर्वाचकों, जिन्हें फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं, मतदान स्थल पर मत डालने से पहले दिखाएंगे. वहीं ऐसे मतदाता जो अपना फोटो पहचान पत्र नहीं प्रस्तुत कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्न में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा-

  1. वोटर कार्ड
  2. ड्राईविंग लाइसेंस
  3. राज्यध्केन्द्र सरकार अथवा लोक उपक्रमों के द्वारा जारी पहचान पत्र
  4. फोटोयुक्त बैंक पास बुक
  5. पैन कार्ड
  6. श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड
  7. मनरेगा जाॅब कार्ड
  8. सरकार द्वारा जारी किए गए हेल्थ स्मार्ट कार्ड
  9. पेंशन कार्ड
  10. सांसद अथवा विधायकों को प्राप्त आधिकारिक पहचान पत्र
  11. आधार कार्ड
  12. पासपोर्ट

कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किए गए हों. ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किए जाएंगे, बशर्ते निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया हो, उस मतदान केन्द्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तो उपर्युक्त दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा.

हम अपना कर्तव्य निभायेंगे, सबसे मतदान करायेंगे : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

हम अपना कर्तव्य निभायेंगे, सबसे मतदान करायेंगे : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

● डरने की क्या बात है, पुलिस प्रशासन साथ हैै।

देवघर/संवाददाता : देश के महात्यौहार लोकसभा आम चुनाव, 2019 केे मद्देनजर देवघर जिला में मतदान की तिथि 19 मई 2019 (रविवार) निर्धारित है। ऐसे में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने सभी देवघरवासियों से आग्रह किया है कि कल होने वाले मतदान के अवसर पर आप सभी अपने सगे संबंधियों, पड़ोसियों के साथ अपने घर से बाहर निकलें एवं अपने संबंधित मतदान केन्द्र पर जाकर अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें तथा देश को एक मजबूत लोकतंत्र बनाने में सहयोग करें. उन्होेंने कहा कि लोकतंत्र में इससे बड़ा कोई त्यौहार नहीं है. आपको मत देने का अधिकार मिला है. अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करे. आपका एक वोट से आपके और आपके बच्चे का भविष्य निहित है. मतदान का समय प्रातः 07ः00 बजे से अपराह्न 04ः00 बजे तक सुनिश्चित किया गया हैै.
इसके अलावे जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राहुल कुमार कुमार सिन्हा ने बतलाया कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा की पूर्ण व्यवस्था है, आप सभी मतदाता निर्भय होकर मतदान करें.
इसके अलावे उन्होंने कहा कि मतदाताओं को Assured minimum Facilities (AMF) के तहत हर संभव सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. सभी बूथों पर न्यूनतम सुविधाएं (पानी, बिजली, रैंप, शौचालय, फर्नीचर) आदि सुविधांए सुनिष्चित कर ली गयी है. इसके अलावे उन्होंने जानकारी दी कि महिला बूथों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गयी है.
इसके अलावे जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा द्वारा जानकारी दी गयी कि वैसे विद्यायल जहां पोलिंग बूथ का निर्माण हुआ है, वहां के विद्यायल की रसोइयों द्वारा वास्तविक दर पर मतदान कर्मचारियों दिनांक 18.05.2019 एवं 19.05.2019 को खाना उपलब्ध कराने की व्यवस्था मतदान केन्द्र पर की गयी है.
इसके अलावे उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं हेतु की गयी सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्रों पर आवश्यक आधारभूत सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग द्वारा पीडब्ल्यूडी एप्प का प्रयोग किया जा रहा है. इस एप्प को गुगल प्ले स्टोर व आईओएस स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. इस एप्प के माध्यम से दिव्यांग मतदाता व्हीलचेयर की मांग कर सकते है. पीडब्ल्यूडी एप्प में रजिस्ट्रेशन के उपरांत संबंधित अधिकारी दिव्यांग मतदाता से संपर्क करेंगे. इसके बाद दिव्यांग मतदाता को मतदान केन्द्र लाने, ले जाने तथा वोट कराने की जिम्मेवारी संबंधित अधिकारी की होगी.
मतदान केन्द्रों पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैम्प व सहायक कर्मी रहेंगे. जिससे दिव्यांग मतदाताओं को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि मतदान कक्ष तक व्हीलचेयर जाने की अनुमति होगी. इसके लिए मतदान केन्द्रों पर निर्वाचन आयोग के निदेशानुसार विशेष व्यवस्था दिव्यांग मतदाताओं के लिए की गयी है.
इसके अलावा जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा द्वारा जानकारी दी गयी कि मतदान केन्द्र तम्बाकू एवं पाॅलीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित है. साथ हीं मतदान केन्द्र के अन्दर कैमरा एवं मोबाइल लेकर जाने की अनुमति नही है.

लोकसभा आम चुनाव 2019 को निष्पक्ष, शांतिपूर्वक व सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए आवश्यक सभी तैयारियां पूरी

लोकसभा आम चुनाव 2019 को निष्पक्ष, शांतिपूर्वक व सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए आवश्यक सभी तैयारियां पूरी

● चुनाव प्रक्रिया संचालन में कार्यरत आप सभी अधिकारियों व कर्मियों की अहम भूमिका : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

● चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हर कर्मचारी की चुनाव के सफलतम समापन में अहम भूमिका होती है.

● सभी मतदान केंद्रों एवं कलस्टरों पर पानी, बिजली, शौचालय चिकित्सा के साथ सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध.

● जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव 2019 को निष्पक्ष, शांतिपूर्वक व सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए प्रशासन द्वारा सभी प्रबंधों को पुख्ता करने के लिए आवश्यक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं.

देवघर/संवाददाता : देश के महात्यौहार लोकसभा आम चुनाव, 2019 के मद्देनजर कुमैठा स्पोर्ट्स स्टेडियम में सभी चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव में इस बार ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी पूर्व में आप सभी को प्रशिक्षण में दी गई है. ऐसे में आप सभी मतदान को सुचारू तरीके से संपन्न करवाने के लिए जरूरी है कि पोलिंग स्टेशन पर तैनात हर कर्मचारी इनके संचालन में पूरी तरह से प्रशिक्षण की बातों को याद रखे. उन्होंने कहा कि मतदान शुरू होने से 1 घंटा पूर्व प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल एजेंट के समक्ष माॅक पोल करवाया जाएगा. चुनाव में प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारी निष्पक्ष व पारदर्शी हो और यह दिखे भी. इसके अलावे उन्होंने सभी को ईवीएम व वीवीपैट मशीनों को सील करने, टेस्ट पोल, माॅक पोल, चुनाव सामग्री लेने, लिफाफे बंद करने तथा 19 मई को मतदान उपरांत सामग्री वापस जमा करवाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी.

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इसके अलावे जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने सभी माइक्रो आब्जर्वर के कार्यो की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक संवैधानिक कार्य है जिसे बड़े ही ध्यानपूर्वक, सकारात्मक एवं सुधारात्मक दृष्टिकोण से सम्पन्न किया जाना है. माइक्रो आब्जर्वर को बताया गया कि उन्हें पी.सी.सी.पी का नम्बर, वाहन ईंधन, नियुक्ति पत्र, 18 बिन्दु वाले प्रपत्र एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने कहा कि माइक्रो आब्जर्वर को यह सुनिश्चित कराना है कि अगर मतदान कार्य में कहीं कोई गलती ना हो. किसी भी तरह की आवश्यकता पड़ने पर वे संबंधित सहायक निर्वाची पदाधिकारी से सीधे सम्पर्क कर सकते हैं. इसके अलावे उन्होंने कहा कि सभी कलस्टरों व बूथों पर सभी मूलभूत सुविधाएं के साथ चिकित्सा की व्यवस्था भी उपलब्ध करा दी गई है. साथ ही महिला मतदान कर्मियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा गया है. मतदान के दिन सभी स्वास्थ्य उपकेंद्र नियमित रूप से खुले रहेंगे.

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सभी बूथों व कलस्टर व मतदान केंद्र के आसपास एंबुलेंस के साथ डॉक्टर की टीम भी उपलब्ध रहेगी.
इसके अलावे उन्होंने बतलाया कि लोकसभा चुनाव को लेकर बनाये गए कंट्रोल रूम में 125 कर्मचारियों को प्रतिनुक्त किया गया जो समय-समय पर आप सभी को फ़ोन कर चुनाव गतिविधियों की जानकारी लेंगे. इसके अलावे उन्होंने चुनाव कार्य प्रतिनियुक्त सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि यहाँ से मशीनों को लेकर निकलने के बाद आप सभी रास्ते मे बिना वजह के ना रुके. प्रयास करे कि गंतव्य स्थान पर पहुच कर ही रुके.
इसके अलावे जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने जानकारी दी आप सभी की सुविधा हेतु मास्टर ट्रेनरों को प्रतिनुक्त किया गया है.

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इससे अलावे उन्होंने चुनावी ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने को लेकर आपसी सामंजस्य बिठा कर पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपना कार्य निभाना सुनिश्चित करने की बात कही.
इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने चुनाव कार्य मे प्रतिनुक्त सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के महात्यौहार लोकसभा आम चुनाव,2019 में अपने कार्यशैली और मतदाताओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए मिशाल कायम करें.
इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त श्री सुशांत गौरव, अनुमंडल पदाधिकारी श्री विशाल सागर, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री प्रवीण प्रकाश के साथ सभी संबंधित अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे.

प्रदीप यादव और निशिकांत दुबे के बीच आमने-सामने की टक्कर

प्रदीप यादव और निशिकांत दुबे के बीच आमने-सामने की टक्कर

गोड्डा/संवाददाता : प्रदीप यादव और निशिकांत दुबे के बीच आमने सामने की टक्कर, आंकड़ों के हिसाब से प्रदीप यादव की दावेदारी मजबूत. गोड्डा लोकसभा सीट पर बीजेपी, महागठबंधन के अलावा निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं. 19 मई को गोड्डा लोकसभा की सीट के लिए मतदान किया जाना है. यहां महागठबंधन से प्रदीप यादव जबकि बीजेपी से निशिकांत दुबे के बीच आमने सामने की टक्कर बताई जा रही है. खैर परिणाम जो भी होंगे, लेकिन चुनावी गणित के आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के प्रदीप यादव का पलड़ा भारी माना जा रहा है.

2019 का गणित क्या है?
2019 में गोड्डा लोकसभा सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है. यहां जीत-हार के साथ साथ वोटों के अंतर पर नजरें रहेंगी. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर के बावजूद संथाल परगना प्रमंडल की तीन लोकसभा सीट में भाजपा एकमात्र गोड्डा सीट ही जीत सकी थी. हालांकि 2014 की अपेक्षा 2019 के चुनावी समीकरण में भारी उलटफेर हुआ है. 2014 में कांग्रेस के फुरकान अंसारी और झाविमो के प्रदीप यादव दोनों चुनावी मैदान में थे. जबकि इस बार झाविमो के प्रदीप यादव महागठबंधन के प्रत्याशी हैं. महागठबंधन प्रत्याशी को झाविमो के अलावा, कांग्रेस, झामुमो और राजद का समर्थन प्राप्त है. गोड्डा लोकसभा में महागठबंधन के इन दलों के पास अच्छा खासा वोट बैंक है, जबकि भाजपा की सहयोगी दल जदयू और आजसू का संथाल परगना इलाके में कमजोर संगठन है. यहां तक कि 2014 में जदयू के उम्मीदवार और आजसू के उम्मीदवार अपनी जमानत तक बचा पाने में नाकाम रहे थे. जानकारों के अनुसार, इस बार मोदी लहर का असर कम होने से भाजपा के वोट पर्सेंटेज में भी कमी आ सकती है. कुल मिलाकर यहां सीधा मुकाबला महागठबंधन और बीजेपी में होना है.

गोड्डा का जातिय समीकरण :
गोड्डा लोकसभा सीट पर 7वें चरण में यानि 19 मई के दिन वोट डाले जाएंगे. यहां के जातीय समीकरण को देखें तो मुस्लिम, यादव और आदिवासी मतदाता काफी निर्णायक भूमिका में हैं. करीब 3 लाख मुस्लिम, 2.5 लाख यादव, 1.5 लाख आदिवासी के साथ कुल 16 लाख 91 हजार 410 मतदाता हैं. जातिगत लिहाज से इस सीट पर मुस्लिम, यादव और आदिवासी का वोट बैंक असरदायक माना जाता है.

2014 में 60682 वोट से जीते थे निशिकांत दुबे:
2014 लोकसभा चुनाव में निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फुरकान अंसारी को 60682 वोटों के अंतर से हराया था. निशिकांत दुबे को कुल 3,80,500 वोट मिले थे, जबकि फुरकान अंसारी को 319,818 मत मिले. झाविमो प्रत्याशी प्रदीप यादव 1,93506 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थे. 2014 में नोटा में भी तकरीबन 1 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया.

लहर के बावजूद लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा मात्र तीन विधानसभा पर बना पाई थी बढ़त:
2019 के उस गोड्डा लोकसभा चुनाव के संभावित परिणाम के अध्ययन के लिए साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के परिणामों पर नजर डालना जरुरी है. गोड्डा लोकसभा के अंदर छह विधानसभा सीट हैं- देवघर, मधुपुर, जरमुंडी, गोड्डा, पौड़ेयाहाट और महागामा. 2014 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद भाजपा प्रत्याशी निशिकांत मात्र तीन विधानसभा देवघर, गोड्डा और जरमुंडी में ही बढ़त बना सके थे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी रहे फुरकान अंसारी मधुपुर और महागामा और झाविमो प्रत्याशी प्रदीप यादव ने पौड़ेयाहाट विधानसभा से बढ़त हासिल की थी. 2014 के इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने देवघर से 48889 वोट, गोड्डा से 11238 वोट और जरमुंडी विधानसभा 5292 मतों से बढ़त हासिल की थी. वहीं कांग्रेस के फुरकान अंसारी ने मधुपुर से 10575 वोट और महागामा विधानसभा से 2394 वोट से बढ़त बनाई थी. झाविमो के प्रदीप यादव ने पौड़ेयाहाट विधानसभा से 3596 मत से बढ़त बनाई थी. बहरहाल अंतिम फैसला गोड्डा लोकसभा की जनता को करना है. 19 मई को वोट डालने के साथ ही प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में बन्द हो जाएगा.

बसपा कोई पार्टी नहीं मिशन, आंदोलन है : एमएस खान

बसपा कोई पार्टी नहीं मिशन, आंदोलन है : एमएस खान

बेरमो/विश्वकर्मा भारती : गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी रसुल बक्स के झिरकी स्थित आवास में गुरुवार को जिला कमिटि द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रभारी एमएस खान ने कहा कि बसपा कोई पार्टी नहीं, एक मिशन एक आंदोलन है, गरीबों, दलितों के आंसू पोछने का यदि कोई काम किया वह बहन मायावती ने किया. पार्टी अध्यक्षा मायावती ने अपने आशीर्वाद से गिरिडीह क्षेत्र में पुराने अनुभवी व्यक्ति रसुल बक्स को अपने कसौटी पर रखकर जनता के अदालत में भेजा है मैं बहन मायावती की और से आग्रह करने आपके समक्ष आया हूं. क्षेत्र की जनता इन्हें एक मौका दे. यदि क्षेत्र की जनता अवसर खोती है तो सदियों के लिए पीछे चले जायेंगे. उन्होंने कहा कि बहन मायावती ने झारखंड की जनता के लिए एक नई दिशा व दशा देने के लिए सभी 14 सीट से पार्टी प्रत्याशी खड़ा की है. जनता द्वारा पार्टी के पक्ष वोट देकर जीत होती है तो जनता की मूल भूत समस्या पानी, बिजली, बेरोजगारी, सड़क, चिकित्सा इत्यादि दूर करना मुख्य प्राथमिकता होगी. प्रत्याशी रसुल बक्स ने कहा कि बहन मायावती ने जो जिम्मेवारी सौंपी है उसे पूरी मेहनत के साथ सभी के सहयोग से पूरा करने का प्रयास करूंगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में व्याप्त बेरोजगारी की समस्या दूर करना मेरी प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि कथारा क्षेत्र में बेरोजगारी के समस्या काफी बढ़ी हुई है, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगारी के कारण इधर उधर भटक रहे हैं. कथारा कोलियरी, वाशरी कोयला स्टॉक में आग लगी हुई है जिससे राष्ट्रीय संपति की बर्बादी हो रही है. अचानक जेएमएम पार्टी छोड़कर बसपा में शामिल होने पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विधायक जैसे लोग जेएमएम छोड़कर दूसरे दल में चले गए मैं तो एक साधारण सिपाही था जहां मान-सम्मान नहीं वहां साथ रहने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर मैं गरीबों के हित मे काम किया हुं, तो मुझे विश्वास है कि जनता इसका लाभ मुझे चुनाव में अपने मत का निष्पक्ष प्रयोग कर अवश्य देगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत प्रदेश प्रभारी एमएस खान, प्रत्याशी रसूल बक्स को फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया. इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश महासचिव छोटन राम, बोकारो जिला अध्यक्ष कौलेश्वर रविदास, जिला सचिव कैलाश राम, धनबाद जिला अध्यक्ष मदन मोहन राम, उपाध्यक्ष नकुल महतो, धनबाद लोकसभा प्रभारी असलम अंसारी, एजाज खान, जोनल कोडिनेटर गौतम कुमार, मनीष कुमार पासवान, बेरमो विधानसभा अध्यक्ष फूलचंद रविदास, प्रखंड अध्यक्ष महेश रविदास गोमिया प्रखंड अध्यक्ष जयकरण कुमार दास, पेटरवार प्रखंड अध्यक्ष सुरेश कुमार, हाशिम अंसारी, जावेद अख्तर, जैकी अंसारी सहित कई पार्टी कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे.

बयानबाजी में आजम का बेटा उनसे भी आगे निकल गया

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अब्दुल्ला और आजम खान

चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार के दौरान बेतुके बयानबाजी को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को चुनाव प्रचार पर 72 घंटो के लिए रोक लगा दी. चुनाव आयोग द्वारा लगाया गया ये रोक 16 अप्रैल, सुबह 10 बजे से लागू हो गई.

इधर आजम खान बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने चुनाव आयोग पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगाते हुए कहा -चुनाव आयोग ने आजम खान को चुनाव में प्रचार से इसलिए रोका क्योंकि वह मुस्लिम हैं? बैन लगाने से पहले कोई नोटिस भी नहीं दिया गया. उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.

पहले ये ट्वीट देखिए.

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इस हिसाब से गणना किया जाए तो मायावती को इसलिए बैन किया गया क्योंकि वो दलित हैं, योगी आदित्यनाथ को इसलिए बैन किया गया क्योंकि वो योगी हैं और मेनका को इसलिए बैन किया क्योंकि चुनाव आयोग का मन किया.

अब ज़रा ये भी जान लेते हैं कि आजम खान पर चुनाव आयोग ने क्यों बैन लगाए हैं. दरअसल रविवार को रामपुर की एक रैली के दौरान आजम खान ने जयाप्रदा पर बेतुका कमेंट किया था.
आजम खान ने कहा था- उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगी. मैं तो 17 दिन में पहचान गया था कि इनके नीचे का अंडरवेअर खाकी रंग का है.

आजम खान का एक और वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वे कलेक्टर से जूते साफ करवाने की बातें कर रहे हैं. इस वीडियो में वे पब्लिक में बोल रहे हैं – सब डटे रहो, ये कलेक्टर-फ्लेक्टर से मत डरियो… देखे हैं कहीं मायावती जी के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते हैं. उन्हीं से गठबंधन है. अल्लाह ने चाहा तो उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे.

अब जरा इस वीडियो को देखिए.

https://twitter.com/rajshekharTOI/status/1117656061324828672

अल्लाह और जनता क्या चाहती है ये तो चुनाव के नतीजे आने तक इंतजार करना होगा, लेकिन आजम खान और उनके बेटे के ऐसे बयानबाजी पर क्या सोचते हैं कमेंट कर बताइये.

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