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भैया दूज

kavita-kanan

भारतीय संस्कृति पावन सलिला,
भैया दूज की परंपरा अति रोचक।
श्री कृष्ण ने बध किया था नरकासुर का,
विजय श्री मिली गये बहन सुभद्रा के घर,
प्यारी बहन ने भाई को तिलक लगाया,
आरती उतारी, पुष्पाहार से आदर सत्कार।

भाई दूज को हर बर्ष बहन भाई मनाते।
बहन भाई की सुख समृद्धि की करे दुआ।
थाली में रोली रोली अक्षत मिठाई रख,
बहन भाई को तिलक लगाती,
शुभ, मंगल, दीर्घायु हो भाई कामना उसकी,
भाई भी बहन के ऊपर प्यार लुटाता।
उपहार देकर उसकी रक्षा को तत्पर।

बड़ा पावन अटूट रिश्ता यह है।
हर बहन भाई को होता है गर्व।
यमुना ने भाई यम का किया सत्कार।
तिलक किया था, आरती उतारी थी ।
प्रेम पुष्प सुखमय बना रहे यह संसार।

(स्वरचित)
डॉ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार

By Kumar Dhananjay Suman

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