पटना/संवाददाता। गुरुवार को पटना कारगिल चौक पर इंजीनियर छात्रों कैंडल मार्च निकाल सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया। छात्रों ने कहा बिहार सरकार द्वारा सहायक अभियंता पदों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 03-03-2017 को विज्ञापन संख्या 02/2017 प्रकाशित था, जिसे दिनांक 09-11-2017 को पुन: प्रकाशित किया गया। इस विज्ञापन की प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 15-09-2018 को पटना में 46 केन्द्रों पर संपन्न हुई। जिसमे 17865 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। दिनांक 30-01-2019 को आयोग द्वारा 10125 अभ्यर्थियो को सफल घोषित किया गया।

प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद, कुछ असफल उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा के कुछ सवालो और आयोग द्वारा दिए गए उनके अधिकारिक उत्तर पर विरोध जताते हुए, पटना उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर किया। अभी माइंस का परीक्षा दिये 18 महीने हो गए वैकेंसी को आये 3.5 साल हो गए रिजल्ट का कोई आता – पता नही चल रहा है। हमारी सालों की मेहनत और हमारा जीवन सरकार अंधेरे मे डाल दी है। केस को 18 महीने क्या 18 साल मे भी बीपीएससी खत्म नही कर पायेंगी। अगर का रहा केस लड़ने का तो, क्योंकि आपको कोर्ट के जज आपकी उंगली पकड़ के नही कहेंगे की चलो आओ आपकी केस खत्म करते हैं।

ये आपकी जिम्मेदारी है क्योंकी अपने जिम्मा लिया था बहाली का, पर आप बात तो ऐसे करते है जैसे कोर्ट केस भी हम छात्रों की ही गलती है और अब जाकर केस भी हम ही लड़े। लेकिन सरकार को तो बस चुनाव जितने के समीकरण बीठाने, वाहली कोर्ट केस के दाव पेंच मे फँसाने मे, अपने अधिकारों की मांग करने वाले बिहार के भावी अभियंताओं पे लाठी चलवाने से मतलब हैं। तो आप खुद बताए बिहार मे कैसे होगा बाहार जबतक पढ़े लिखे इंजीनियर रहेंगे बेरोजगार।