जमुई जिले में जल नल योजना का काला सच महज 15 दिनों में पानी का सप्लाई हुआ बंद मामला चकाई प्रखंड के पोझा पंचायत के धमना गांव का मामला
बिहार का एक अति महत्वकांक्षी योजना जल नल योजना जो कि सरकार के लिए एक अति महत्वपूर्ण योजना थी जिसमें सरकार हर घर में पानी देने की बात की लेकिन कुछ दलाल और बिचौलियों के कारण यह योजना चकाई प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के गांव में महज हाथी का दांत बनकर रह गई है आप अगर पूरे प्रखंड में जल नल योजना का सर्वे करा लें तो निश्चित रूप से कम से कम अस्सी परसेंट यह जल नल की योजना फ्लॉप मिलेगी जहां लोग पानी के लिए एक बूंद के लिए तरस रहे हैं लेकिन इस विभाग के पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को तनिक भी ना किसी का भय है और ना हि किसी का डर इससे साफ जाहिर होता है कि इस योजना में रुपयों का जमकर बंदरबांट हुआ है और काम भगवान भरोसे हुआ है इसका जीता जागता उदाहरण पोझा पंचायत के धमना गांव का है जहां 15 से 20 लाख रुपए खर्च करके हर घर घर में पानी देने की बात थी लेकिन महज 15 दिनों में मामला टाइ टाइ फिस हो गया और आज 6 महीने से ग्रामीण गुहार लगा रहे हैं कि मुझे कोई पानी दे दो मुझे पानी की आवश्यकता है लेकिन आला अफसरों के कान मे जू तक नहीं रेग रहा हैं तो इससे साफ जाहिर होता है कि ऊपर से नीचे तक मे रुपयों का बंदरबांट किया गया है जरूरत है सरकार पूरे बिहार में जल नल योजना की जांच करा लें इससे बड़ा घोटाला शायद उसे नहीं मिलेगा सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना घर घर में पानी देने की बात थी लेकिन आज पानी तो दूर की बात है उसमें पानी की बूंद तक नजर नहीं आती है सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण रोज अफसरों के पास आते हैं शिकायत करते हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है सबसे बड़ा आश्चर्य है कि यह इलाका सांसद और विधायक ऐसे ऐसे लोग हैं जिन्हें का जनता का दर्द होना चाहिए लेकिन शायद यह लोग भी उसी रंग में रंगे हैं और उन्हें भी इस बात को लेकर कोई चिंता नहीं है पानी पानी के लिए परेशान है लेकिन वह भी है कि उस पर कोई चर्चा करना तक भी पसंद नहीं करते ऐसे में साफ जाहिर होता है कि इन्हें भी जनता की चिंता नहीं है वही ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि मुखिया वार्ड आयुक्त का जहां तक बात किया जाए तो उन्हें भी अपने ग्रामीणों की चिंता नहीं है और वह भी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं लेते हैं जिसका परिणाम है कि ग्रामीण हर जगह से थक हार कर चुपचाप घर में बैठ जाते हैं अगर पूरे चकाई प्रखंड में या पूरे जमुई जिले की बात करें अगर जल नल योजना की सही तरीके से जांच करा दी जाए तो आज बहुत बड़ा घोटाला उजागर होगा इसमें कहीं किंतु परंतु नहीं है चकाई से अमित कौशिक की रिपोर्ट