पटना : जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म किए पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने खुलकर अपनी राय जाहिर की है। सोमवार को जदयू अध्यक्ष ने कहा कि धारा 370 के मुद्दे पर पार्टी ने अपनी विचारधारा से कभी भी कोई समझौता नहीं किया। राज्यसभा और लोकसभा के अंदर जदयू ने पूरी मजबूती के साथ अपनी बात रखी।
वशिष्ठ ने कहा कि लोकतंत्र में बोलने की स्वतंत्रता है। यही लोकतंत्र की खुबसूरती है। जदयू धारा 370 को हटाने के पक्ष में नहीं था। जब हमें बोलना था तो हमने जम कर पूरी मजबूती के साथ अपनी बात रखी। लेकिन जब कोई कानून बन जाता है तो वह पूरे देश के लिए होता है। नए कानून के लिए आम लोगों में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।


वशिष्ठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। जहां तक सवाल धारा 370 को हटाने का है तो कश्मीर के लोगों को विश्वास में लेने की जिम्मेदारी भाजपा की है। हर कानून का सकारात्मक पक्ष भी होता और नकारात्मक पक्ष भी। नए बदलावों के जरिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश बना दिया है। इसलिए भाजपा को कश्मीर के लोगों को भरोसा दिलाना होगा कि जो भी फैसला हुआ है, उससे कश्मीरियों के हितों का नुकसान नहीं होगा।